Zee Jaankari: क्या नोबेल पुरस्कारों में पक्षपात और भेदभाव होता है?

Zee Jaankari: क्या नोबेल पुरस्कारों में पक्षपात और भेदभाव होता है?

आज हम आपको DNA में भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में मिले Nobel पुरस्कार के बारे में भी बताएंगे ..जिसका संबध सृष्टि के निर्माण से है . इसलिए आज का हमारा DNA देश की संस्कृति के विरोधियों का ज्ञान वर्धन करता रहेगा . लेकिन उससे पहले आप ओम का महत्व भी समझ लीजिए..शिव पुराण में ओम को शिव और शिव को ओम कहा गया है. यानी ओम का संबध भी सृष्टि के निर्माण से है . ओम कितना शक्तिशाली मंत्र है इसे समझने के लिए आपको एक वीडियो देखना चाहिए. इस वीडियो में एक बच्चा ओम की ध्वनि सुनते हुए सो जाता है. ये वीडियो ओम का विरोध करने वालों को जगाने का काम करेगा इसलिए आप इसे आज ज़रूर देखिए.

मंत्रों के उच्चारण का स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है, इस पर अभी और वैज्ञानिक रिसर्च की जरुरत है . लेकिनअब आपको एक दिलचस्प वीडियो दिखाते हैं. इस वीडियो में बच्चे को सुलाने के लिए एक ध्वनि का प्रयोग किया गया है . और हमें लगता है कि ये ध्वनि आपने पहले भी सुनी होगी.

ये शायद दुनिया का सबसे प्रसिद्ध स्वर है और इसका उच्चारण आपने भी ज़रूर किया होगा. भारत में संस्कृति पर गर्व करने को सांप्रदायिकता से जोड़ दिया जाता है. जबकि चीन और इज़रायल जैसे देशों में लोग अपनी संस्कृति और देश पर बहुत गर्व करते हैं . चीन आज भी अपनी हज़ारों वर्ष पुरानी मूल संस्कृति के रास्ते पर चल रहा है.

वहां स्कूलों में छोटे छोटे बच्चों को संस्कृति पर गर्व करने की शिक्षा दी जाती है . इजरायल को यहूदी अपना देश ही नहीं अपना घर मानते हैं. दुनिया में किसी भी यहूदी को अपने मूल देश में वापस लौटने का अधिकार है . यानी इजरायल दुनिया के हर यहूदी को अपना नागरिक मानता है. ये वो देश हैं जिनसे टकराने की हिम्मत दुनिया के बड़े बड़े देश नहीं कर पाते.

ये सब संभव हो पाता है संस्कृति की रक्षा करने वाली मानसिकता की वजह से. जबकि भारत में संस्कृति की बात करना कई लोगों को पसंद नहीं आता . भारत के बारे में कहा जाता है कि अगर पूरी दुनिया नष्ट भी हो जाए और सिर्फ भारत बच जाए तो.. पूरी दुनिया को फिर से बसाया जा सकता है. क्योंकि भारत में हर संस्कृति, हर धर्म और लगभग हर देश के लोग रहते हैं. जो देश दुनिया के सभी प्रमुख धर्मों और संस्कृतियों का घर है .वो कभी भी सांप्रदायिक नहीं हो सकता और ये बात देश के नेताओं को समझनी चाहिए.

 


(Disclaimer: This article is not written By 24Trends, Above article copied from Zee News.)